TET का अवसर दिए बिना पदोन्नति पर फेडरेशन का विरोध, संयुक्त संचालक को सौंपा पत्र

सभी सेवारत शिक्षकों को TET के पर्याप्त अवसर देने के बाद ही पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग
दुर्ग/कवर्धा। सहायक शिक्षक (एलबी) से शिक्षक पद पर चल रही पदोन्नति प्रक्रिया में TET सहित अन्य पात्रता को लेकर समग्र शिक्षक फेडरेशन ने आपत्ति जताई है। फेडरेशन के जिला अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण, दुर्ग संभाग से मुलाकात कर विधिक विरोध पत्र सौंपा।
फेडरेशन ने पदोन्नति प्रक्रिया में TET, विषयवार पात्रता, नियुक्ति तिथि, वरिष्ठता और न्यायालयीन आदेशों के पालन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। संगठन का कहना है कि सभी संबंधित सेवारत शिक्षकों को TET की पात्रता हासिल करने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराए बिना केवल वर्तमान में TET पात्र शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं है।
पहले TET के 2-3 अवसर देने की मांग
फेडरेशन ने मांग की है कि पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित सेवारत शिक्षकों के लिए TET परीक्षा आयोजित कर कम से कम दो-तीन अवसर दिए जाएं। संगठन का कहना है कि इससे प्रत्येक शिक्षक को अपनी पात्रता हासिल करने का समान अवसर मिलेगा।
फेडरेशन ने पदोन्नति वाले शिक्षक पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और संबंधित विषय की TET पात्रता का स्पष्ट परीक्षण करने की मांग भी की है। अलग-अलग विषयों की TET पात्रता को समान रूप से मान्य करने की व्यवस्था की भी समीक्षा की मांग की गई है।
नियुक्ति तिथि और वरिष्ठता के आधार पर पात्रता तय करने की मांग
संगठन ने संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16, NCTE के प्रावधानों, छत्तीसगढ़ शासन के सेवा नियमों और संबंधित न्यायालयीन आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि शिक्षकों की पात्रता का निर्धारण नियुक्ति तिथि, शैक्षणिक योग्यता, TET पात्रता और लागू सेवा नियमों के आधार पर किया जाना चाहिए। साथ ही वरिष्ठता और समान अवसर के सिद्धांत का पालन करने की मांग की गई।
संयुक्त संचालक ने जांच का दिया आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार संयुक्त संचालक के साथ चर्चा सकारात्मक रही। संयुक्त संचालक ने फेडरेशन की ओर से प्रस्तुत विधिक एवं सेवा संबंधी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और न्यायालयीन आदेशों, NCTE के मापदंडों तथा लागू शासकीय नियमों के अनुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
फेडरेशन ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी पात्र शिक्षक की पदोन्नति रोकना नहीं, बल्कि सभी सेवारत शिक्षकों को समान अवसर देकर पारदर्शी और नियमसम्मत पदोन्नति सुनिश्चित करना है। उचित समाधान के बिना प्रक्रिया आगे बढ़ने पर संगठन ने शिक्षकों के अधिकारों के लिए विधिक कदम उठाने की बात कही।
प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष प्रेम नारायण शर्मा, केशलाल साहू, धरमू कुर्रे, अमित शर्मा, शंकर पाली, ओसन साहू, राकेश खरे, केशो राम पाली, सरजू मरकाम, श्रीमती वर्मा और श्रीमती हेमलता देवांगन सहित फेडरेशन के पदाधिकारी एवं शिक्षक शामिल रहे।



